May 19, 2018

लिंगड़ अमरीका का


लिंगड़ हमारे पहाड़ों की एक लोकप्रिय मौसमी सब्जी है। यह फर्न कुल का एक पेड़ है जो कि मध्यम ऊंचाई के पहाड़ों में जंगलों में नालों के किनारे उगता है। जब इसके अविकसित कुंडलीदार पौधे अभी जमीन से प्रगट ही हो रहे होते हैं, तब इनको तोड़ लिया जाता है। उस समय ये कुंडलीदार तने नरम होते हैं और इनको सब्जी बना कर खाया जा सकता है। कुछ हफ्तों के बाद ये तने सीधे और सख़्त हो जाते हैं, इनमें पत्तियाँ आ जाती हैं और यह सब्जी बनाने योग्य नहीं रह जाते। 

      लिंगड़ का बानस्पतिक नाम Pteridium aquilinum है। लिंगड़ का मौसम अप्रैल मई से शुरू होता है और दो अढाई महीने चलता है। इस दौरान गांवों के लोग जंगल से लिंगड इकठ्ठा करके शहरों मेँ बेचते हैं और अच्छी आमदनी कमा लेते हैं।
     
      क्या आप जानते हैं की लिंगड़ अमरीका में भी होता है और वहां के लोग भी इसे उसी चाव से खाते हैं? जी
हाँ, यह बिलकुल सच है। इसलिए आप यह न सोचें की लिंगड केवल देहाती या पहाड़ी लोगों की ही सब्जी है।

अमरीकन लिंगड़ फिडलहैड फर्न
   
      हाँ अमरीका मे पाये जाने वाले लिंगड की किस्म दूसरी है। इसका बानस्पतिक नाम
Matteuccia struthiopteris और वहाँ इसको फ़िडलहैड (Fiddlehead) या शुतरमुर्ग (Ostrich) फर्न के नाम से जाना जाता है। देखने और स्वाद में यह हमारे लिंगड़ जैसा होता है। अमरीकन गृहणियाँ इसके कई व्यंजन बनाती हैं।
     
      हमारे लिंगड़ की पौष्टिकता तो अभी तक किसी ने नहीं पता की है
, पर इस अमरीकन लिंगड का रासायनिक विश्लेषण करने पर पता लगा है की यह एक पौष्टिक तथा गुणकारी सब्ज़ी है और इसमें विभिन्न विटामिन, खनिज, फाइबर तथा ओमेगा 3 तथा ओमेगा 6 फैट्टी अम्ल, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभ दायक होते हैं, प्रचुर मात्रा में विद्यमान होते हैं। हो सकता है की हमारे लिंगड़ में भी ऐसा ही हो।

फिडलहैड फर्न से बना एक अमरीकन पकवान
      
      अमरीका में बसे हिमाचल के लोग भी इसे वहां शौक से खाते हैं. मंडी के वैज्ञानिक, डा. राजन कपूर, जो अब अमरीका के कोलोराडो स्टेट के बोल्डर शहर में बस गए हैं पर मंडी आते जाते रहते हैं, ने भी मुझे पिछली बार बताया कि वो मौसम में इस लिंगड़ को अवश्य खरीदते हैं और यह उन्हें मंडी की याद दिलाता है.

March 30, 2018

डैड सी (DEAD SEA), एक ऐसा समुद्र जहां डूबने का कोइ ख़तरा नहीं है.



इजरायल में मैं अपने मित्रों के साथ, मेरे होस्ट मोशे जो
वहां की रेयर फ्रूट सोसाइटी के अध्यक्ष थे, बीच में बैठे हुए


आइये आज आपको बताते हैं एक बहुत ही आश्चर्यजनक स्थान के बारे में. इसको नाम तो सागर का दिया गया है पर वास्तव में यह एक बहुत बड़ी झील है. इसके विशाल आकार के कारण इसको “समुद्र” कहते हैं. इस समुद्र की विशेषता यह है की यदि कोइ आपको इसमें धकेल दे
, या आप स्वयं ही इसमें छलांग लगा दें, या फिर वो किश्ती या जहाज जिसमें बैठ कर इसमें यात्रा कर रहे हों और भगवान न करे वह टाईटैनिक जहाज़  की तरह डूब जाए, तो भी आप नहीं डूबेंगे और पानी की सतह पर तैरते ही रहेंगे.

डैड सी का विहंगम दृश्य


      इस स्थान की कुछ अन्य दिलचस्प विशेषताएं भी हैं. यह दुनिया का समुद्र तल से सबसे नीचा स्थान है. इसकी एलीवेशन मीन सी लैवल से 429 मीटर नीचे है. इसके पानी में 34 प्रतिशत नमक है जो अन्य समुद्रों के पानी से लगभग दस गुना अधिक है.

किनारे पर मैं और मोशे

      डैड सी जॉर्डन रिफ्ट घाटी में स्थित है. इसके एक ओर जॉर्डन है और दूसरी ओर इजरायल. मैं जब 2007 में इजरायल गया था, तो मेरे इजरायली मेज़बान, मोशे, मुझे यहाँ भी ले घुमाने लगे थे.

डैड सी का एक और दृश्य
      डैड सी को अब पर्यटक स्थल के रूप में बहुत विकसित कर लिया गया है और यहाँ प्रति वर्ष लाखों की संख्या में टूरिस्ट आते हैं. इसके किनारे सभी वर्गों के टूरिस्टों के हिसाब से होटल और रिजोर्ट बने हैं. कहा जाता है कि डैड सी के पानी, विशेषकर किनारे के कीचड वाले पानी में, नहाने से कई तरह के चर्म रोग ठीक हो जाते हैं. यह कीचड मैंने इजरायल सभी टूरिस्ट स्थलों पर में आकर्षक डिब्बों तथा जारों में काफी महंगे दाम पर बिकता देखा.

किनारे पर खडा मैं, पत्थरों पर सफ़ेद नमक लगा है

      इजरायल में डैड सी के किनारे जाने के लिए 3-4 स्थान विकसित किये गए हैं. जब आप मुख्य सड़क से तट की ओर जाते हैं, तो रास्ते में मील पत्थरों पर उस स्थान की एलीवेशन भी लिखी रहती है जिस से आपको पता चलता रहता है की आप मीन सी लैवल से कितना नीचे आ चुके हैं.

किनारे पर बैठे हाथ धोता मैं

      तट पर पार्किंग तथा निजी सामान रखने की सुविधा होती है. आप जैसे ही पानी में दुबकी लगा कर बाहर निकलते हैं, आपका पूरा बदन पाने में घुले नमक के कारण सफ़ेद हो जाता है. बहुतों को खुजली भी मैसूस होने लगती है. किनारे पर ही सरकार की ओर से मीठे पानी के शावर लगे हुए थे जहां आकर आप नहा सकते हैं और अपने शरीर में लगे नमक को धो सकते हैं.

किनारे पर समुद्र में नहाने के बाद मीठे पानी से नहाने के लिए लगे शावर 

      जिस दिन मैं वहां गया था, उस दिन वहां बहुत ठण्ड थी, इसलिए मै नहाने की हिम्मत तो नहीं कर सका, पर मैंने किनारे पर बैठ कर अपने हाथ धोये जो कि एक दम सफेद हो गए थे. मुझे हाथों में हल्की खुजली भी मैसूस हुई.
डैड सी का काला कीचड - 85 ग्राम के इस जार का मूल्य है 1801  रुपये
      वास्तव वो सारा एरिया कटोरेनुमा है जहां बारिश का या फिर बरसात के मौसम में जॉर्डन नदी का पानी आ तो जाता है, पर बाहर नहीं निकल पाता. गर्मी से इस पानी का वाष्पीकरण होता रहता है और यह क्रम पिछले 65,000 सालों से चल रहा है. जिसके कारण इस पानी में घुले लवणों की मात्रा लगातार बढ़ रही है. 
      इजरायली भूसर्वेक्षण वैज्ञानिकों के मतानुसार अब डैड सी का जलस्तर लगभग एक मीटर प्रति वर्ष की दर से गिरना शुरू हो गया है. इससे यह भी हो सकता है कुछ सदियों के बाद यह सागर लुप्त ही हो जाए.

March 23, 2018

नाशपाती, जो नज़र आती है सेब

सेब जैसी दिखने वाली पीसफुल रोजी क्लाउड नाशपाती

यह है “पीसफुल रोजी क्लाउड” नाशपाती, जो देखने में बिलकुल सेब लगती है पर स्वाद में नाशपाती है.
नाशपाती की यह किस्म चीन के प्रोफ़ेसर झांग शाओलिन ने खोजी है. प्रो. शाओलिन चीन के नानजिंग कृषि विश्वविद्यालय में पढ़ाते मैं और इसी यूनिवर्सिटी पियर रिसर्च सेंटर में फ्रूट ब्रीडिंग पर  अनुसंधान करते हैं और नाशपातियों पर अपनी खोजों के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं. 

इस नाशपाती के फल केवल देखने में ही आकर्षक नहीं है परन्तु खाने में भी बहुत स्वादिष्ट है. इनका स्वाद हल्की खटास लिए मीठा है. इसका गूदा नरम और रसदार है. पीसफुल रोजी क्लाउड नाशपाती के फल न केवल बाहर से, बल्कि अन्दर से भी सेब जैसे दिखाते हैं. प्रो. शाओलिन को पूरी उम्मीद है कि नाशपाती की यह नयी किस्म लोगों को पसंद आयेगी और भविष्य में बहुत लोक प्रिय होगी.

प्रो झांग शाओलिन

पीसफुल रोजी क्लाउड नाशपाती के फल प्रो शाओलिन ने चीन के उत्तर पश्चिमी भाग में देखे थे. उन्होंने इस किस्म के पेड़ वहां से लाकर अपने अनुसंधान केंद्र में कई वर्षों तक टेस्ट किये और फिर तब इनको बागबानों को बांटना शुरू किया.

February 26, 2018

केप प्वाइंट - अफ्रीका का अंतिम छोर



यह है अफ्रीका महाद्वीप का अंतिम छोर या यूं कहिये अफ्रीका की कन्या कुमारी. यह दक्षिणी  अफ्रीका में स्थित है. यहाँ केप टाउन से पहुंचा जा सकता है.
 
      वहां की सरकार नें इसे एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया है.  यहाँ आने के लिए केप टाउन से विशेष बसें भी चलती है. रहने के लिए होटल आदि भी हैं. अगर आप अपनी कार में हैं, तो केप टाउन से पहुँचने के लिए एक घंटा लगता है. 

      बसें और निजी गाड़ियाँ केप प्वाइंट से कुछ पहले ही खड़ी कर दी जाती हैं और वहां से फिर केप प्वाइंट पहुँचने के लिए कोइ तीन सौ मीटर पैदल जाना होता है.

 केप प्वाइंट जाने वाली गाड़ियां यहाँ रोक दी जाती हैं. 

केप प्वाइंट एक पहाडी पर स्थित है. वहां से समुद्र नीचे विशाल समुद्र दिउखाई देता है. यह समुद्र का वह भाग है जहा अटलांटिक यानी अंध महासागर और हिन्द महासागर का मेल होता है. 

 अफ्रीका प्राय द्वीप का अंतिम छोर, केप प्वाइंट और वहां से दिखाई देता
हिन्द महासागर और अन्ध महासागर का मिलन

मुझे सन 2011 में दक्षिणी अफ्रीका जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था. मैं उस समय उस देश की फल कंपनी, कलर्स, के लिए काम किया करता था. कंपनी का मुख्यालय, केप टाउन से कोइ तीस किलो मीटर दूर एक छोटे से शहर पार्ल में स्थित था और मैं वहीं रुका हुआ का था.
 केप प्वाइंट पर मैं अपने सहयोगी, उसकी पत्नी और बेटी के साथ 

      एक दिन मेरे अनुरोध पर कंपनी के मेरे सहयोगी मुझे केप प्वाइंट दिखाने ले गए थे. 


केप टाउन शहर का विहंगम दृश्य

      केप टाउन भी समुद्र के किनारे बसा बहुत ही सुन्दर शहर है. अगर आप घूमने के शौक़ीन हैं तो यह स्थान भी जीवन में एक बार अवश्य देखने लायक है.